एक महिला ने बताई अपनी आपबीती। एक मीटिंग के बाद मैं होटल से बाहर आई। मैंने अपनी कार की चाबियाँ तलाशीं लेकिन मेरे पास नहीं थीं। वापस मीटिंग रूम में जाकर देखा, वहाँ भी नहीं थीं। अचानक मुझे लगा कि, चाबियाँ शायद मैं कार के इग्नीशन में ही लगी छोड़ आई थी। मेरे पति बहुत बार मेरी इस आदत के लिए मुझे डाँट चुके थे। जबकि मेरा कहना ये होता था कि, चाबियों को कहीं और भूल जाने की अपेक्षा, इग्नीशन में लगी छोड़कर भूल जाना अच्छा। उनका कहना ये होता था कि, इग्नीशन में चाबियाँ भूलने पर गाड़ी चोरी हो सकती है। खैर, जब मैं पार्किंग में पहुँची तो मुझे समझ आया कि, मेरे पति सही थे। पार्किंग खाली थी, कार चोरी हो चुकी थी। मैंने तुरंत पुलिस को कॉल किया, अपनी लोकेशन और पार्किंग एड्रेस बताया और कार की पूरी जानकारी दी। मैं बराबर कन्फ्यूज थी कि, चाबियाँ इग्नीशन में भूल जाने के कारण ही कार चोरी हो गई थी। फिर मैंने अपने पति को डरते डरते काल लगाईं और बोली---" डार्लिंग ( ऐंसे समय मैं उन्हें डार्लिंग कहकर ही बुलाती थी ) मैं अपनी कार की चाबियाँ इग्नीशन में भूल गई और अपनी कार चोरी हो गई। " फोन पर थोड़ी देर शान्...